ज्यूरिख: डायमंड लीग के फाइनल मुकाबले में नीरज चोपड़ा खिताब जीतने से चूक गए हैं। 2022 में इस खिताब को जीतने वाले नीरज इस पूरी प्रतियोगिता में एक भी 90 मीटर की थ्रो नहीं फेंक पाए और वो दूसरे नंबर पर रहे। इस साल की डायमंड लीग की प्रतियोगिता को जर्मनी के जूलियन वेबर ने जीता है। वेबर ने पर्सनल बेस्ट 91.51 की थ्रो फेंक कर इस खिताब को अपने नाम किया।
दूसरे थ्रो से जूलियन वेबर ने तय की जीत
डायमंड लीग के फाइनल की शुरुआत से ही जूलियन वेबर ने पहले थ्रो से ही दबदबा बना लिया था। वेबर ने अपना सबसे पहला थ्रो ही 91.37 मीटर का रहा था। वहीं नीरज का पहला थ्रो 84.35 का रहा था। इन दोनों के बीच काफी फासला था, जिसके चलते वेबर की जीत शुरू से ही तय मानी जा रही थी। हालांकि इस बीच दूसरे नंबर पर केशोर्न वालकोट रहे जिन्होंने 84.95 की थ्रो फेंकी।
वेबर ने इस प्रतियोगिता का दूसरा थ्रो 91.51 मीटर का फेंका, जोकि अंत में निर्णायक भी साबित हुई। वहीं नीरज ने दूसरा थ्रो 82 मीटर का फेंका था। नीरज जहां शुरू से ही लय में नजर नहीं आ रहे थे, वहीं वेबर ने कमाल की थ्रो फेंकते हुए शुरू से ही जीत तय कर ली थी।
नीरज के तीन थ्रो हुए खराबइसके बाद नीरज खास लय में नजर नहीं आए। उन्होंने अपनी तीसरी, चौथी और पांचवीं थ्रो फाउल फेंकी। जोकि काउंट नहीं हुई थीं। हालांकि इस बीच वेबर ने भी कोई 90 मीटर से ऊपर की थ्रो नहीं फेंकी। कहीं ना कहीं ऐसा प्रतीत हो रहा था कि नीरज ने हार मान ली है, वहीं वेबर का पहला खिताब तय हो चुका है।
आखिरी थ्रो से दूसरे नंबर पर पहुंचेइसके बाद नीरज चोपड़ा ने इस प्रतियोगिता का अपना आखिरी थ्रो 85.01 मीटर का फेंक दिया। इस थ्रो के दम पर नीरज चोपड़ा जैसे-तैसे दूसरे नंबर पर पहुंचने में कामयाब हो पाए। वहीं वेबर अपने दूसरे थ्रो के दम पर ही इस प्रतियोगिता में बाजी मार गए।
दूसरे थ्रो से जूलियन वेबर ने तय की जीत
डायमंड लीग के फाइनल की शुरुआत से ही जूलियन वेबर ने पहले थ्रो से ही दबदबा बना लिया था। वेबर ने अपना सबसे पहला थ्रो ही 91.37 मीटर का रहा था। वहीं नीरज का पहला थ्रो 84.35 का रहा था। इन दोनों के बीच काफी फासला था, जिसके चलते वेबर की जीत शुरू से ही तय मानी जा रही थी। हालांकि इस बीच दूसरे नंबर पर केशोर्न वालकोट रहे जिन्होंने 84.95 की थ्रो फेंकी।
वेबर ने इस प्रतियोगिता का दूसरा थ्रो 91.51 मीटर का फेंका, जोकि अंत में निर्णायक भी साबित हुई। वहीं नीरज ने दूसरा थ्रो 82 मीटर का फेंका था। नीरज जहां शुरू से ही लय में नजर नहीं आ रहे थे, वहीं वेबर ने कमाल की थ्रो फेंकते हुए शुरू से ही जीत तय कर ली थी।
नीरज के तीन थ्रो हुए खराबइसके बाद नीरज खास लय में नजर नहीं आए। उन्होंने अपनी तीसरी, चौथी और पांचवीं थ्रो फाउल फेंकी। जोकि काउंट नहीं हुई थीं। हालांकि इस बीच वेबर ने भी कोई 90 मीटर से ऊपर की थ्रो नहीं फेंकी। कहीं ना कहीं ऐसा प्रतीत हो रहा था कि नीरज ने हार मान ली है, वहीं वेबर का पहला खिताब तय हो चुका है।
आखिरी थ्रो से दूसरे नंबर पर पहुंचेइसके बाद नीरज चोपड़ा ने इस प्रतियोगिता का अपना आखिरी थ्रो 85.01 मीटर का फेंक दिया। इस थ्रो के दम पर नीरज चोपड़ा जैसे-तैसे दूसरे नंबर पर पहुंचने में कामयाब हो पाए। वहीं वेबर अपने दूसरे थ्रो के दम पर ही इस प्रतियोगिता में बाजी मार गए।
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